Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पैरों में सूजन और कमर दरà¥à¤¦ सबसे आम बात है। हर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को पैरों में सूजन और कमर दरà¥à¤¦ से रूबरू होना ही पड़ता है। इन हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पॉइंटà¥à¤¸ को दबाने से कà¥à¤› राहत मिल सकती है और मालिश आपके लिठयह काम कर सकती है।
पैरों की मालिश करवाने के फायदे
रात में पैरों की मालिश करने से डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¤‚गà¥â€à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ कम होती है। पांच सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¤• अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में 20 मिनट मसाज दी गई। इन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों को न सिरà¥à¤« कमर और पैर के दरà¥à¤¦ से राहत मिली बलà¥à¤•ि डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¤‚गà¥â€à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ में à¤à¥€ कमी आई।
​शरीर को मिलता है आराम
मालिश से शरीर को बहà¥à¤¤ आराम मिलता है। इससे शरीर में कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² का लेवल कम होता है जिससे अपने आप ही सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ में कमी आती है। कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² लेवल कम होने से शरीर रिलैकà¥â€à¤¸ महसूस करता है और बॉडी में गरमाई आती है।
​पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा होती है कम
मालिश करवाने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा होने के समय को à¤à¥€ कम किया जा सकता है। à¤à¤• सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ में नोट किया गया है कि मालिश करवाने वाली महिलाओं को 3 घंटे से कम समय तक दरà¥à¤¦ होता है और दवाओं की जरूरत à¤à¥€ कम पड़ती है।
​शिशॠको लाà¤
अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ में सामने आया है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मालिश करवाने से पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° इंफैंट और लो बरà¥à¤¥ वेट का खतरा कम होता है। पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° इंफैंट का मतलब है कि शिशॠका नौ महीने से पहले जनà¥â€à¤® होना। इसमें बचà¥â€à¤šà¥‡ के फेफड़े पूरी तरह से विकसित नहीं हà¥à¤ होते हैं जिसकी वजह से जनà¥â€à¤® के बाद उसे जीवित रखने में दिकà¥â€à¤•त होती है।
​इन बातों का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
पैरों के कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पॉइंटà¥à¤¸ हैं जिन पर दबाव बनाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को कई सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं जैसे कि
पà¥â€à¤²à¥€à¤¹à¤¾ 6 à¤à¤•à¥â€à¤¯à¥‚पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पॉइंटà¥à¤¸ : à¤à¤¡à¤¼à¥€ के अंदर वाला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ होता है। ये लगà¤à¤— तीन उंगली चौड़ा होता है और à¤à¤¡à¤¼à¥€ की हडà¥à¤¡à¥€ के ऊपर होती है। इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की मालिश करने से बचें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पेट का निचला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ उतà¥â€à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ हो सकता है जो कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के लिठअचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं है।
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ 60 : ये हिसà¥â€à¤¸à¤¾ à¤à¤¡à¤¼à¥€ की हडà¥à¤¡à¥€ के पीछे होता है और à¤à¤šà¤²à¤¿à¤¸ टेंडन à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¡à¤¼à¥€ की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हडà¥à¤¡à¥€ के बीच में होता है। इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की मालिश करने से लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है लेकिन पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के दौरान दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठà¤à¥€ इसका इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
यूरीनरी बà¥â€à¤²à¥ˆà¤¡à¤° 67: यह हिसà¥â€à¤¸à¤¾ पैर की सबसे छोटी उंगली के पास होता है। इसकी मालिश करने से कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ (पेट में संकà¥à¤šà¤¨) उठसकता है और शिशॠडिलीवरी की पोजीशन में आ सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |